यमुनानगर के गांव रतनपुरा में थर्मल पावर प्लांट की राख से फैल रहे प्रदूषण के कारण ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को उपायुक्त (डीसी), अतिरिक्त मुख्य सचिव वीएन सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने एक बार फिर पूरे गांव को किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से थर्मल की राख के कारण फसलें खराब हो रही हैं और लोगों में सांस, दमा जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। खासकर छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 50 प्रतिशत बच्चे चश्मा पहनने को मजबूर हैं, जबकि 90 प्रतिशत लोग सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसके अलावा पशु भी बीमार हो रहे हैं, जिससे दूध उत्पादन पर असर पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि गांव के युवाओं के रिश्ते तक प्रभावित हो रहे हैं। दौरे के दौरान अधिकारियों ने गांव को फतेहपुर, नयागांव और थर्मल कॉलोनी में शिफ्ट करने के विकल्प सुझाए। हालांकि ग्रामीणों ने इन स्थानों को अस्वीकार कर दिया। उनका कहना है कि प्रस्तावित जगहों पर 10 फीट तक गहरे गड्ढे हैं और वहां पानी भर जाता है, जिससे बसना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने मांग रखी कि गांव को थर्मल कॉलोनी के पास उपलब्ध 50 एकड़ जमीन पर बसाया जाए। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण डीसी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी। इसी दौरान पंचायत की जमीन की होने वाली बोली को भी प्रशासन ने फिलहाल रद्द कर दिया।