कन्हैया साहिब चौक से जिला सचिवालय तक निकाला पैदल मार्च, संवाद न्यूज एजेंसी यमुनानगर। दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में आज सर्व समाज मोर्चा, यमुनानगर के बैनर तले शहर में पैदल रोष मार्च निकाला गया। मार्च में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी), भारतीय किसान यूनियन (रतनमान), बहुजन समाज पार्टी समेत विभिन्न सामाजिक, किसान, मजदूर और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारी कन्हैया साहिब चौक से पैदल मार्च करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग की निंदा की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के जिला अध्यक्ष संजू गुंदियाना ने की। उन्होंने कहा कि सर्व समाज, किसान संगठनों, मजदूर संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से राष्ट्रपति से मांग की गई है कि परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुना जाए। उनका आरोप था कि पेपर लीक से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से युवा शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं। संजू गुंदियाना ने कहा कि प्रदर्शनकारी लगातार भूख हड़ताल और शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बसपा नेता बृजपाल छप्पर ने कहा कि पूरे देश में इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा लेने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, युवाओं की मांगों पर सकारात्मक निर्णय और पूरे प्रकरण में जवाबदेही तय करने की मांग की।