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यमुनानगर में बायोगैस प्लांट के निर्माण से पहले ही विरोध शुरू, 14 अप्रैल को पीएम मोदी ने किया था शिलान्यास

नवीन दलाल Updated Fri, 18 Apr 2025 04:01 PM IST

करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से मुकारबपुर में बनने वाले जिस गोवर्धन संयंत्र कांप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को कैल गांव में आयोजित रैली से किया था। यमुनानगर में लगने वाला यह हरियाणा का पहला प्लांट है। इससे सालाना 45 हजार एमटी ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान, 36 हजार एमटी गोबर का निपटान होगा तथा नौ हजार 500 एमटी जैविक खाद का उत्पादन भी होगा। इतना ही नहीं दो हजार 600 एमटी सीएनजी के स्थान पर सीबीजी बनेगा। इसके अलावा युवाओं को रोजगार तथा साढ़े नौ करोड़ से अधिक विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। लेकिन, मुकारबपुर के ग्रामीणों का तर्क है इस प्लांट के लगने से नरकीय जीवन हो जाएगा, पर्यावरण दूषित भी होगा तथा इससे केवल मक्खी-मच्छर उत्पन्न होने से केवल बीमारियां मिलेंगी, इसलिए वे इसका विरोध कर रहे हैं। बोले, नहीं लगने देंगे प्लांट मुकारबपुर के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह, राजकुमार, मेहर सिंह, जोगिंद्र सिंह, राजिंद्र, मामराज व कमलदीप का कहना है यह प्लांट किसी भी तरह से यहां लगाया जाना सही नहीं है। अगर जगह पर कुछ करना ही तो गोशाला बनाएं या फिर पर्यावरण को बनाए रखने के पेड़ पौधे लगाए जाएं, लेकिन इस जमीन पर बायोगैस प्लांट बिलकुल भी नहीं लगने देंगे। इसके लिए फिर चाहे उन्हें कड़ा संघर्ष क्यों न करना पड़े। ग्रामीणों के विरोध के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। लेकिन यदि ग्रामीणों की कोई समस्या है तो वे उन्हें मिलकर इस बारे में बता सकते हैं। कुछ न कुछ समाधान कराया जाएगा। लेकिन इस प्लांट के लगने से काफी फायदा होगा। कचरे और गोबर के प्रबंधन की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। -आयुष सिन्हा, आयुक्त नगर निगम, यमुनानगर।

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