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यमुनानगर: हाई टेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों का प्रदर्शन, मुआवजे पर प्रशासन घिरा

शाहिल शर्मा Updated Mon, 27 Apr 2026 03:45 PM IST

हाई टेंशन बिजली लाइनों से प्रभावित किसानों का गुस्सा एक बार फिर खुलकर सामने आया है। मुआवज़े की मांग को लेकर किसानों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान जिला मुख्यालय पहुंचे और डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि उनकी जमीनों के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइनों के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से उचित मुआवज़ा नहीं दिया जा रहा। किसानों का कहना है कि मुआवज़ा तय करने के लिए बनाई गई मार्केट रेट कमेटी का गठन नियमों के विरुद्ध किया गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि कमेटी में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जिन्हें प्रभावित किसानों की मंजूरी प्राप्त नहीं है। वहीं, असली किसान प्रतिनिधियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। इसके चलते मुआवज़ा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन द्वारा तय किए जा रहे मुआवजे के रेट पूरी तरह मनमाने हैं। न तो जमीन की वर्तमान बाजार कीमत को ध्यान में रखा गया है और न ही हाई टेंशन लाइनों के कारण जमीन के मूल्य में आई गिरावट का सही आकलन किया गया है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। किसानों ने मांग की है कि मौजूदा एमआरसी कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए और नई कमेटी का गठन किसानों की सहमति से किया जाए। इसके साथ ही मुआवज़ा प्रक्रिया पर रोक लगाकर निष्पक्ष जांच और पारदर्शी सुनवाई सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।

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