यमुनानगर। नीट परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक और परीक्षा परिणामों में अनियमितताओं के विरोध में शुक्रवार को भाईचारा एकता मंच एवं सर्वधर्म सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग उठाई गई। ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में आयोजित नीट परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक और परिणामों में विसंगतियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इससे युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास भी कमजोर हुआ है। संगठन ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की गई। साथ ही, छात्रों के साथ कथित बल प्रयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, एनटीए की जवाबदेही तय करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की मांग उठाई गई। संगठनों ने कहा कि छात्रों का भविष्य देश की सबसे बड़ी पूंजी है और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर छात्रों के हित में शीघ्र उचित कार्रवाई कराने की अपील भी की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान संजीव वालिया, अजय फिरोजपुर, जुल्फान चौहान, महावीर, सिद्धू राव, सादिक अली, सोनिया, अरुणा कौशिक, योगेश कैल, अरुण सुखपुरा, नीरबाज, सम्राट सिंह सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संजीव वालिया ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। यदि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी तो युवाओं का भविष्य और उनका भरोसा दोनों प्रभावित होंगे। सरकार को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। अजय फिरोजपुर ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। पेपर लीक और अनियमितताओं से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। सरकार को परीक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।