सेक्टर-17 में श्रीखेड़ा मंदिर समीप 236 घंटे चला मां बंगलामुखी यज्ञ रविवार को पूर्णाहुति से संपन्न हुआ। साथ ही लगे पंडाल में चल रही श्रीमद् देवी भागवत कथा का भी समापन हो गया। बनारस से आए आचार्य आनंद तिवारी व शिवम सहित अन्य ब्राह्मण विद्वानों ने यजमान व उनके परिवार के सदस्यों से आहुतियां डाल यज्ञ पूर्ण कराया। यज्ञ के जरिए सभी के लिए सुख-शांति व समृद्धि की कामना की गई। इसका आयोजन गुप्त नवरात्र पर मां बंगलामुखी सेवा संगठन के अध्यक्ष पंडित वरिंदर कौशिक की ओर से कराया गया। आचार्य आनंद तिवारी ने बताया कि यज्ञ से समस्त प्राणियों का कल्याण होता है। यज्ञ में दी गई आहुतियों से देवता प्रसन्न होते हैं। कई युगों से राजा-महाराजा जब प्रजा पर घोर संकट आता था, तब यज्ञ के जरिए देवताओं को प्रसन्न कर उनकी कृपा प्राप्त की जाती थी। आज भी कलयुग में जहां अराजकता, कष्ट, असहाय रोग जीवन में दुख का कारण बने हुए हैं, उनसे बचाव के लिए हिंदू धर्म में यज्ञ करने से देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। बाल कथा व्यास निलेश कौशिक ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को व्यसनों से दूर रहकर माता-पिता, गुरुजनों व गरीब असहाय लोगों की मदद के लिए संस्कारवान बनाना चाहिए। उन्होंने कथा पंडाल में आए श्रद्धालुओं से कहा कि कथा अमृत का रसपान बिना भगवान कृपा से संभव नहीं, इसलिए जब जीव के कई जन्मों के संचित कर्म फलीभूत होते हैं, तब जीवन में संत मिलन होता है। यज्ञ व कथा के साथ गंगा घाट जैसी आरती भी की गई। मौके पर प्रियंक शर्मा, रोहित शर्मा, अधिवक्ता नरेंद्र राणा, पवन शर्मा, कैप्टन दिनेश शर्मा, अधिवक्ता केवल कृष्ण सैनी ने यज्ञशाला के कुंडों में आहुतियां डाली।