हरियाणा सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और लंबित मांगों को लेकर नगर निगम सफाई कर्मचारियों तथा दमकलदमकल ब्रिगेड कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। सैकड़ों कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और बाद में जुलूस की शक्ल में महापौर सुमन बहमनी के निवास स्थान संजय विहार की ओर कूच किया। हालांकि सूचना देने के बावजूद महापौर के निवास पर मौजूद न होने से कर्मचारियों में रोष और बढ़ गया। संयुक्त प्रदर्शन की अध्यक्षता नगरपालिका यूनियन के प्रधान पपला और दमकलदमकल यूनियन के प्रधान विजेंदर सिंह ने की, जबकि संचालन जिला सचिव रिंकु कुमार और सुभाष चंद ने किया। प्रदर्शन को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, सीटू, रिटायर्ड कर्मचारी संघ और किसान सभा ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने हाथों में झंडे, बैनर और तख्तियां लेकर प्यारा चौक से होते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना था कि वे सरकार से कोई विशेष सुविधा नहीं मांग रहे, बल्कि अदालतों के आदेशों को लागू करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 31 दिसंबर 2025 तथा सुप्रीम कोर्ट ने 16 अप्रैल 2026 को अपने फैसलों में कहा था कि स्थायी प्रकृति के कार्य में दस वर्ष या उससे अधिक समय से लगे कर्मचारियों को नियमित करने के लिए सरकार नीति बनाए। दमकलदमकल यूनियन के महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि प्रदेशभर के करीब 1800 दमकलदमकल कर्मचारी 8 अप्रैल से राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं, जबकि लगभग 34 हजार सफाई कर्मचारी 1 मई से आंदोलन चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि नगरपालिका एवं अग्निशमन कर्मचारी यूनियनों ने संयुक्त रूप से हड़ताल को 14 मई तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यदि सरकार ने मांगों पर ठोस और लिखित समाधान नहीं दिया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा।