जिला सचिवालय स्थित कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब चैंबर नंबर 324 में अधिवक्ता मानिक लूथरा के चैंबर में अचानक आग लग गई। घटना के समय अधिवक्ता स्वयं मौके पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वे अपने वरिष्ठ को सूचना देने के बाद वापस कमरे में दाखिल होने लगे, तभी अचानक एसी में जोरदार ब्लास्ट हो गया, जिससे आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते चैंबर में रखा महत्वपूर्ण सामान, जिसमें जरूरी कागजात, कंप्यूटर और अन्य दस्तावेज शामिल थे, आग की चपेट में आकर जलकर राख हो गए। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद दमकल विभाग की गाड़ी समय पर नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ही आग पर काबू पाया जा सका। अधिवक्ता मानिक लूथरा ने बताया कि इस हादसे में उनका काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि चैंबर में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामान पूरी तरह जल गए हैं और नुकसान का सही आकलन फिलहाल करना संभव नहीं है। घटना के बाद जिला बार एसोसिएशन के प्रधान भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सभी चैंबरों की सुरक्षा जांच करवाई जाएगी। इसके साथ ही परिसर में लगे सभी फायर एक्सटिंग्विशरों की एक्सपायरी डेट की भी जांच की जाएगी। प्रधान ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन चैंबरों में एक्सपायर फायर एक्सटिंग्विशर पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत बदलने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही सभी अधिवक्ताओं को सुरक्षा मानकों का पालन करने और अत्यधिक विद्युत लोड से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस घटना ने कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और दमकल सेवाओं की तत्परता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।