नगर निगम यमुनानगर कार्यालय में शुक्रवार को लगे समाधान शिविर के पहले दिन अव्यवस्था दिखी। शिविर शुरू करने का समय 9 बजे निर्धारित था, पर 9.10 बजे तक शिविर के लिए निगम सभागार में कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद एक के बाद एक 10 से 15 मिनट की देरी पर निगम अधिकारी आए और निगम कर्मचारियों से जेडटीओ, डीएमसी व अन्य दफ्तरों से मेज-कुर्सियां जुटाकर सभागार में लगवाई। शिकायतों के पंजीकरण के लिए सभागार के एंट्रेंस पर ही अलग से डेस्क बनाया गया, जहां करीब 9.20 बजे शिविर में नौ बजे से शिकायत लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतों का पंजीकरण शुरू हुआ। इसके बाद उन शिकायतों पर निगम अफसरों ने सुनवाई की। दस बजे तक आठ शिकायतें थी, पर इसके बाद लगातार शिविर में शिकायतों की संख्या बढ़ती गई। अधिकांश शिकायतें प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित रही, जिनमें नए प्रॉपर्टी सर्वे में बनी आईडी में कई लोगों की प्रॉपर्टी का आकार व मालिक नाम बदल देने और कईयों की प्रॉपर्टी अवैध एरिया में दिखाने के आरोप लगाए गए। शिविर में निगमायुक्त आयुष सिन्हा सहित एसई, डीएमसी, एक्सईएन, सीएसआई व अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।