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मेरा गांव मेरी शान: बरोदा गांव में जोहड़ों की गंदगी बनी पशुओं की बीमारी का कारण, ग्रामीणों में रोष

बरोदा गांव की दो पंचायतें बरोदा मोर और बरोदा ठुठान में लगभग सभी बुनियादी सुविधाएं होने के बावजूद गांव के जोहड़ों की हालत बेहद खराब बनी हुई है। गंदगी और बदइंतजामी के कारण अब यह जोहड़ ग्रामीणों और पशुओं के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के जोहड़ों में पशुओं को नहलाया जाता है और वही पानी पशु पीने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। लेकिन हालात ऐसे हो चुके हैं कि गांव की नालियों का गंदा पानी सीधे इन जोहड़ों में छोड़ा जा रहा है। निकासी का कोई प्रबंध नहीं होने के कारण पानी सड़ रहा है और उसमें बदबू फैल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई वर्षों से जोहड़ों की सफाई नहीं करवाई गई है। गंदे पानी के कारण अब पशु बीमार पड़ने लगे हैं, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, जब ग्रामीण खुद इन जोहड़ों में पशुओं को नहलाने जाते हैं तो उन्हें भी त्वचा से जुड़ी बीमारियां होने लगी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द जोहड़ों की सफाई करवाई जाए, नालियों के गंदे पानी की निकासी का उचित प्रबंध किया जाए और पानी को साफ रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि पशुओं और लोगों की सेहत सुरक्षित रह सके। हमारे गांव में जोहड़ों की स्थिति बहुत खराब है। इनमें पानी पीकर ना तो जानवर संतुष्ट हैं और ना ही यह उपयोग के लायक बचे हैं। जोहड़ों का इतना बुरा हाल है कि पशुओं में तो बीमारी फैल ही रही है, साथ ही जो पशुपालक पशुओं को नहलाते हैं उनमें भी चर्म रोग फैल रहे हैं। इन तालाबों की ना तो समय पर खुदाई हो रही है, ना गंदे पानी की निकासी का कोई प्रबंध है और ना ही साफ पानी डालने की व्यवस्था है। -राणा साहब बड़ोदा गांव के जोहड़ों की स्थिति बिल्कुल खराब है। बड़ौदा ठुठान के 5-6 जोहड़ हैं, जिनमें पानी पूरी तरह खराब हो चुका है। इसके चलते हमारे पशुओं में कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं। इन जोहड़ों की सफाई को मुद्दत हो चुकी है और इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है। सब वोट की राजनीति के चक्कर में लगे हुए हैं।

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