कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्टी विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी विधायकों पर सख्त निर्णय लिया जाएगा। राव नरेंद्र ने बुधवार को सोनीपत की अनाज मंडी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के चेयरमैन धर्मपाल मलिक ने अपनी जांच रिपोर्ट उन्हें सौंप दी है। यह रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी को भेज दी गई है, जिसके आधार पर अब कांग्रेस आलाकमान अंतिम फैसला करेगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जिन विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया, उन्होंने जनता के विश्वास के साथ गद्दारी की है। अगर उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर वोट दिया है तो उन्हें नैतिक आधार पर तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, जनता ने उन्हें कांग्रेस के टिकट पर चुनकर विधानसभा में भेजा था। प्रदेशाध्यक्ष ने राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग कर विधायकों पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि हॉर्स ट्रेडिंग जैसी गतिविधियां सामने आईं जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा हैं। भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए राव नरेंद्र ने कहा कि तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है और सभी नेता एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने में लगे हैं। वहीं, चौधरी बीरेंद्र सिंह और बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा को उन्होंने निजी कार्यक्रम बताते हुए कहा कि इसका कांग्रेस संगठन से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।