निलंबित पटवारियों के समर्थन में सोमवार को पटवारियों व कानूनगो के हड़ताल पर जाने से पटवारखानों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। काम न होने के कारण लोगों को वापस जाना पड़ रहा है। धरने पर बैठे पटवारियों व कानूनगो ने कहा कि प्रदेशभर में क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबा में गलत रिपोर्ट के मामले में निलंबित किए गए पटवारियों को जब तक बहाल नहीं किया जाता तब तक वह हड़ताल जारी रहेगी। 5 फरवरी से शुरू होने वाली फसल गिरदावरी भी नहीं करेंगे। लघु सचिवालय में धरना स्थल पर बैठे दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के सदस्यों ने नारेबाजी की। एसोसिएशन के राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 में फसल खराबा के लिए 6395 गांव के 529199 किसानों ने 31 लाख 234 एकड़ जमीन के लिए पंजीकरण किया था। इसका सत्यापन करने के लिए 1400 पटवारियों को 20 दिन का समय दिया था। उसके बाद 25 फीसदी रकबा तहसीलदार, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, नगराधीश व आयुक्त ने सत्यापन किया था। जब पटवारी के सत्यापन की पड़ताल उच्च अधिकारियों ने भी की तो अकेले पटवारी को निलंबित करना गलत है। वह निलंबित पटवारियों की बहाली की मांग कर रहे है, लेकिन सरकार की ओर से उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। इस मामले में 8 दिसंबर 2025 को भी पटवारियों व कानूनगो ने धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे थे। उसके बाद भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस दौरान पटवारी अनिल, मनीष, सुधीर, अनुज, कानूनगो राजेश मलिक, जगदीश व रामदास भी मौजूद रहे।