देर रात हुई बारिश ने अनाज मंडी की व्यवस्था की पोल खोल दी। मंडी में जगह-जगह पानी भर गया, जिससे खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। किसानों और आढ़तियों का कहना है कि समय पर उठान नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है। मंडी में इस समय करीब 30 लाख बैग गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन अब तक केवल लगभग 45 प्रतिशत ही उठान हो पाया है। बारिश के चलते मंडी में पड़े गेहूं के ढेर पानी में भीगते नजर आए। अनुमान है कि करीब 1 लाख बैग गेहूं बारिश से खराब हो सकता है। किसानों ने बताया कि अगर समय पर उठान हो जाता तो इतना नुकसान नहीं होता। कई जगह तिरपाल की व्यवस्था भी नाकाफी रही, जिससे पानी सीधे अनाज तक पहुंच गया। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द उठान प्रक्रिया तेज की जाए और मंडी में पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था की जाए। आढ़तियों ने भी कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।