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सोनीपत में हरियाणा खेल विश्वविद्यालय व खेलकूद विद्यालय के विद्यार्थियों ने नशामुक्त रहने की सामूहिक शपथ ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ''नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान'' के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों से एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाद किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि नशामुक्त जीवन ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश का युवा यदि नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाएगा तो विकसित भारत का संकल्प शीघ्र ही साकार होगा। प्रधानमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को नशामुक्त रहने की शपथ भी दिलाई। राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई को जिले के केंद्र के रूप में चुना गया, जहां हरियाणा खेल विश्वविद्यालय एवं मोतीलाल नेहरू खेलकूद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एकत्र होकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से सीधा जुड़ाव किया। विद्यार्थियों ने ''नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान'' के तहत नशामुक्त रहने की सामूहिक शपथ ली। राई विधायक कृष्णा गहलावत ने कहा कि नशे से दूर रहकर ही युवा अपनी प्रतिभा का सर्वोत्तम प्रदर्शन कर सकते हैं।हरियाणा सदैव खेलों के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और हरियाणा खेल विश्वविद्यालय व मोतीलाल नेहरू खेलकूद विद्यालय राज्य की इस गौरवशाली परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से खेल, शिक्षा और नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। सोनीपत विधायक निखिल मदान ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी इस अभियान से जोड़कर नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र सिंह बढ़खालसा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच को अपनाए तो वह विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने व समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कुलपति अशोक कुमार ने कहा कि मादक पदार्थों का अवैध व्यापार आतंकवाद को आर्थिक सहायता प्रदान करने का एक प्रमुख स्रोत है। प्रत्येक युवा का नशे से दूर रहना न केवल उसके उज्ज्वल भविष्य, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा, समृद्धि और प्रगति के लिए भी आवश्यक है।

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