एसीपी ऋषिकांत ने कहा कि सडक़ सुरक्षा और नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता ही दुर्घटनाओं और बर्बादी को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है। यातायात नियमों की पालना कर जहां हम स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं, वहीं नशे से दूरी बनाकर अपने परिवार और समाज का भविष्य उज्ज्वल कर सकते हैं। वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, गन्नौर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले विद्यालय में पहुंचने पर प्राचार्य विनोद कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। एसीपी ने कहा कि सडक़ पर होने वाले अधिकांश हादसे लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं। यदि हर व्यक्ति यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करे, तो दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। दोपहिया वाहन पर सवार दोनों व्यक्तियों के लिए हेलमेट अनिवार्य होना चाहिए। विद्यार्थियों से अपील की कि वह स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें। एसीपी ऋषिकांत ने कहा नशा व्यक्ति को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा करता है। नशे की लत न केवल युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बनाती है, बल्कि पूरे परिवार को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संकट में डाल देती है। देश के भावी भविष्य युवाओं को नशे से दूरी बनाकर अपने जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए। वहीं एचसी सुनील कुमार ने विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों के चार्ट व धाराओं के बारे में जानकारी दी। नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही पुलिस एसीपी ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ पुलिस पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। नशा करने और इसका अवैध धंधा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नशा करना और नशे का कारोबार करना गंभीर अपराध है, जिसमें जुर्माने के साथ-साथ सजा का भी प्रावधान है। वर्ष 2020 के रिकॉर्ड के अनुसार विश्व में सबसे ज्यादा हेरोइन भारत में जब्त की गई। अमर उजाला के अभियान की सराहना विद्यालय प्राचार्य विनोद कुमार ने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से नशे के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान अत्यंत सराहनीय है। इस अभियान के तहत विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है, जिससे वह नशे के प्रति जागरूक होकर इससे दूर रह सकें। साथ ही ट्रैफिक नियमों का पूरा पालन करेंगे।