कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन नैतिक साहस, आत्म चिंतन और समाज हित के लिए समर्पण का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने समाज में जागरूकता फैलाने और लोगों में आत्मविश्वास जगाने का काम किया। खानपुर मोड़ स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले चौक पर जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ अरविंद शर्मा और उनकी धर्मपत्नी डॉ रीटा शर्मा ने महात्मा ज्योतिबा फुले व प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म साधारण परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने शिक्षा और समाज सेवा के दम पर बड़ा काम किया। उन्होंने लड़कियों और वंचित वर्ग के लिए उस समय स्कूल खोलने का साहसिक कदम उठाया, जब समाज के बड़े हिस्से को शिक्षा से दूर रखा जाता था। उनका मानना था कि ज्ञान किसी एक वर्ग की संपत्ति नहीं, बल्कि सबके लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उनके विचारों पर काम कर रहे हैं। सरकार शिक्षा और नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से युवाओं को सवाल पूछने, नई चीजें सीखने और अनुसंधान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने महात्मा ज्योतिबा फुले चौक के सौंदर्यीकरण के लिए अपने स्वैच्छिक कोष से 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में कृष्ण सैनी, जयकिशन शर्मा, कृष्ण आढ़ती, नरेंद्र गहलावत, भूपेंद्र मुदगिल, संजय सैनी, खेमचंद सैनी, राजेंद्र सैनी, सत्यनारायण सैनी, देवेंद्र सैनी, लीलू राम, कर्मबीर सैनी, सुरेश सैनी, प्रभु प्रजापत, धुला राम, सुभाष सैनी, बबल सैनी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।