नई अनाज मंडी स्थित किसान रेस्ट हाउस में वीरवार को किसान यूनियन के नेताओं ने वर्ग की आवाज बुलंद करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें किसान नेताओं ने कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा- जब उद्योगपतियों का कई हजार करोड़ का कर्ज माफ हो सकता है और राजनेताओं या नौकरी-पेशा लोगों को फ्री इलाज मिल सकता है तो फिर किसानों को क्यों नहीं। 2 फरवरी को इन्हीं मुद्दों को लेकर सोनीपत के उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजे जाएंगे। आज की प्रेसवार्ता में भाकियू प्रधान सत्यवान, गोहना तहसील इकाई के चेयरमैन भगत सिंह, मुंडलाना ब्लॉक अध्यक्ष बिजेंद्र दलाल, कथूरा ब्लॉक महासचिव बिजेंद्र मलिक मदीना उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों के हित में कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। किसान नेताओं ने बताया कि धान न्यूनतम समर्थन मूल्य 2389 रुपये था, लेकिन यह 2050 रुपये प्रति क्विंटल बिका। किसान के खाते में 2389 रुपये आए, बाकी पैसा आढ़तियों ने वापस लेकर धान उठाया। कर्जमुक्ति के मसले पर किसान नेता सत्यवान और अन्य ने कहा कि पिछले 10 साल में उद्योगपतियों के 16 लाख करोड़ माफ हुए। जब इनका कर्ज माफ हो सकता है तो फिर किसानों का क्यों नहीं हो सकता। इसी तरह मुफ्त या सस्ते इलाज के मुद्दे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब राजनेता और अधिकारी-कर्मचारी का इलाज मुफ्त हो सकता है तो किसान का क्यों नहीं हो सकता। आयात कर हटाने को लेकर किसान नेताओं ने कहा कि इस हटाने से अपने देश के किसान की फसल का रेट काम हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने ऐलान किया इन सभी मुद्दाें को हाल ही में उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजे जाएंगे। इसके बाद 23 मार्च को सरदार भगत सिंह के शहीदी दिवस पर समस्त उत्तर भारत में किसान क्रांति रैली जाएंगी।