सोनीपत के 422 स्कूलों में वीरवार को शिक्षा-दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम चलाया गया। जिसमें सभी खंडों के बीईओ, सीआरसी हैड, एबीआरसी, बीआरपी व प्राचार्य को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई। गठित की गई टीमें स्कूलों में प्रार्थना सभा से पूर्व ही पहुंच गई थी। प्रत्येक स्कूल में जांच करने के लिए एक अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई। जिन्होंने दिन भर स्कूल में रहते हुए व्यवस्थाएं जांच की। विद्यालय शिक्षा निदेशालय की तरफ से विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर व अन्य व्यवस्थाओं को जांचने के लिए शिक्षा दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके तहत सभी खंडों में टीमें गठित कर प्राथमिक विद्यालयों में भेजा गया। एक अधिकारी को दिन भर एक स्कूल में रहकर व्यवस्थाएं जांचनी थी। जिसके तहत सभी अधिकारी सुबह प्रार्थना सभा के समय ही स्कूलों में पहुंच गए थे। अधिकारियों ने कक्षाओं में जाकर शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके को देखा, वहीं विद्यार्थियों से विषय संबंधित प्रश्न पूछे। इसके अलावा विद्यालय में साफ-सफाई, भेजी गई ग्रांट, अध्यापकों की उपस्थिति सहित अन्य गतिविधियों की जांच की गई। अधिकतर स्कूलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली। जहां खामियां मिली, वहां अधिकारियों को उसे दूर करने के निर्देश दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने बताया कि शिक्षा दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ सुविधाएं प्रदान करना है। पर्यवेक्षण टीमों ने स्कूलों में शिक्षकों व विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षा सामग्री की उपलब्धता, स्वच्छता, सहित अन्य व्यवस्थाओं की जांच की। सभी टीमें अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजेंगी।