रूस में 1917 की क्रांति का मूल नारा था ब्रेड एंड पीस। इस नारे को अगर नारी सक्शतीकरण से जोड़कर देखें तो हम पाएंगे कि ब्रेड तो आज हर किसी के पास है, लेेकिन पीस नहीं है। इस नारे को पुरातन भारतीय संस्कृति से जुड़कर ही पूरा कर पाना संभव है। यह कहना है हरियाणा पुलिस से बतौर महानिरीक्षक सेवानिवृत्त डॉ़ सुमन मंजरी और मुरथल स्थित ताऊ देवीलाल राजकीय महिला महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. ज्योति राज का। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संवाद न्यूज एजेंसी ने सोनीपत की इन सम्मानित शख्सियतों के साथ बात की।