वेतन की मांग को लेकर संविदा सफाई कर्मियों की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। निगम क्षेत्र में सफाई कर्मी चार दिन से हड़ताल हैं। सफाई न होने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। संविदा सफाई कर्मी शनिवार को निगम पार्क में एकत्रित हुए। उन्होंने नगर निगम कार्यालय से गीता भवन चौक, बस अड्डा होने हुए वापस कार्यालय तक जुलूस निकाला और सरकार व निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ठेका सफाई कर्मचारी एकता मंच के प्रधान मुकेश टांक, प्रवीन बोहत, संविदा कर्मी, रविंद्र, सुनील का आरोप है कि सफाई का टेंडर खत्म होने के बाद उन्हें सूचना तक नहीं दी गई थी। पश्चिमी क्षेत्र के साथ पूर्वी क्षेत्र में भी 27 अगस्त 2024 को टेंडर खत्म होने के बावजूद निगम प्रशासन की तरफ से उनसे काम लिया गया। काम के बदले उन्हें वेतन जारी नहीं किया है। अब नवंबर व दिसंबर का वेतन बकाया है। निगम प्रशासन से बार-बार शिकायत करनी पड़ रही है, लेकिन प्रशासन उनकी मांग पर संज्ञान नहीं ले रहा है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान राजाभाई, इकाई प्रधान भारत कंडेरा ने आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। सफाई का टेंडर न होने की वजह से संविदा कर्मियों के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है। उनकी मांग है कि ठेका प्रथा बंद की जाए। संविदा कर्मियों को निगम में पे-रोल पर लिया जाए। अगर प्रशासन ने उनकी मांग को पूरा नहीं किया तो जिलाभर में काम बंद कर दिया जाएगा व घर-घर कूड़ा उठान का कार्य भी बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान मुकेश कर्मा, विजय तोमर, रवींद्र, युधिष्ठिर, अनिल, बलजीत, रितेश, अंकुश, राहुल, माया, पिंकी, उषा, अंजू, मंजू, रीना, रेनू, आरती, पूनम, राधा आदि मौजूद रहे।