अमर उजाला फाउंडेशन व रोटरी सोनीपत सिटी ब्लड बैंक की ओर से बुधवार को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर गांव पलड़ी स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) में रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें असिस्टेंट प्रोफेसर अंजली बजाज समेत विद्यार्थियों ने रक्तदान किया। रक्तकोष टीम ने 37 यूनिट रक्त एकत्रित किया। रोटरी सोनीपत सिटी ब्लड बैंक के चेयरमैन दीपक गुप्ता ने बताया कि रक्तदान करने से शरीर में रक्त की कर्मी नहीं होती। हमें समय-समय पर रक्तदान करते रहना चाहिए। रक्तदान महादान है और स्वस्थ व्यक्ति हर तीन महीने में रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने से न केवल किसी की जान बचाई जा सकती है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हो सकता है। रक्तदान करने से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और यह हृदय रोगों के खतरे को कम कर सकता है। संस्थान की असिस्टेंट प्रोफेसर अंजली बजाज ने कहा कि रक्तदान से मनुष्य दूसरे मनुष्य की जान बचा सकता है। यह सच्ची समाज सेवा है। अगर थोड़े से सहयोग से किसी को जीवनदान मिलता है तो इससे बड़ा कोई दान नहीं हो सकता हमें समाज के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। दान की गई रक्त की दो बूंद किसी का अमूल्य जीवन बचा सकती हैं। शिविर में रक्तदान करने वालों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।