बैसाखी पर्व और जलियांवाला बाग के शहीदों की याद में गांव जाखौली में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मां भारती रक्तवाहिनी संस्था की ओर से सेना के लिए लगाया गया। दिल्ली कैंट से सेना की रक्तकोष टीम शिविर में रक्त एकत्रित करने पहुंची। जीवीएम कन्या महाविद्यालय से एनएसएस स्वयंसेविकाओं, ग्रामीणों व मां भारती रक्तवाहिनी के सदस्यों ने सेना की टीम का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। शिविर में 110 लोगों ने रक्तदान किया। संस्था के कानूनी सलाहकार संजय भारद्वाज ने रक्तदाताओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि रक्त परमात्मा की अनूठी देन है, जिससे मानव जीवन चलता है। रक्त के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह एकमात्र ऐसी चीज है, जिसे किसी फैक्ट्री में तैयार नहीं किया जा सकता। केवल रक्तदाताओं द्वारा ही इसे प्राप्त किया जा सकता है, जो अनमोल जीवन को बचाने में मदद करता है। उन्होंने सभी स्वस्थ व्यक्तियों से आह्वान किया कि 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को हर 3 महीने में एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। शिविर की अध्यक्षता संस्था के आजीवन सदस्य विनय वशिष्ठ ने की। इस दौरान विपिन कुमार, मनीष राई, गुलशन राय, रुचिका, नरेश भारद्वाज, राहुल भारद्वाज, राहुल राणा, दक्ष वत्स, प्रदीप बंसल, सुमेर सरोहा, आर्य पवन दहिया, जोनी त्यागी, मुकेश सरोहा, कृष्ण चंद्र वशिष्ठ, सोनू चौहान, बिजेंद्र चौहान, अमृत चौहान, अमित चौहान, सुनील वत्स व राजा चौहान भी मौजूद रहे।