सिरसा के नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति अध्यक्ष के खिलाफ बुधवार को लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। चेयरमैन सूरजभान की कुर्सी बच गई। नाथूसरी चोपटा बीडीपीओ कार्यालय में एडीसी लक्षित सरीन और बीडीपीओ सार्थक श्रीवास्तव की अध्यक्षता में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। पंचायत समिति सदस्यों की बैठक में कुल 30 सदस्यों में से 22 सदस्य बैठक में मौजूद रहे। इनमें से 13 पंचायत समिति सदस्यों ने अध्यक्ष सूरजभान बुमरा के पक्ष में व 9 सदस्य विपक्ष में रहे। अविश्वास प्रस्ताव में जीत के बाद अध्यक्ष सूरजभान बुमरा भावुक हो गए। इस दौरान सूरजभान बुमरा ने कहा कि उन्होंने जब से विधानसभा चुनाव में भाजपा छोड़ इनेलो का दामन थामा है। तभी से उनके खिलाफ अध्यक्ष पद से हटाने का षड्यंत्र रचा जा रहा था। पंचायत समिति सदस्यों समर्थन उनके साथ है और उनकी कुर्सी कायम है। जानकारी के अनुसार नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के अध्यक्ष के खिलाफ 11 नवंबर को पंचायत समिति सदस्यों ने जिला उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपा था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के अध्यक्ष की कार्य शैली से संतोषजनक नहीं है। वह नियमों के अनुसार व बिना सहमति के कार्य करवा रहे है, जो कि गलत है। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव पारित करना चाहते हैं। इसी मांगपत्र के बाद 20 नवंबर को जिला उपायुक्त ने बीडीपीओ कार्यालय में बैठक बुलाने के निर्देश दिए थे। इसलिए बुधवार को बीडीपीओ कार्यालय नाथूसरी चोपटा में पंचायत समिति सदस्यों की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में एडीसी लक्षित सरीन और बीडीपीओ सार्थक श्रीवास्तव मौजूद रहे। इस दौरान नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के 30 सदस्य है। इनमें से 22 सदस्य ही बैठक में पहुंचे। मतदान के दौरान अध्यक्ष के पक्ष में 13 सदस्यों और विपक्ष में 9 सदस्यों ने मत डाला। बैठक में 8 सदस्य नहीं पहुंचे।