गांव मोरीवाला में एग्रीकल्चर ग्रेड यूरिया खाद का प्लाईवुड फैक्ट्री में प्रयोग का मामला सामने आया है। फैक्ट्री में गत्ता और प्लाई बनाने का काम किया जाता है। फोटो फ्रेम के पीछे बनाए जाने वाले गत्ते में यूरिया प्रयोग में लाई जा रही थी। फैक्ट्री में टाटा एस में यूरिया आने पर किसान वहां पहुंच गए। किसानों के पहुंचने पर फैक्ट्री मालिक भाग गया और कृषि विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली तो टीम मौके पर पहुंचे। बता दें कि गांव मोरीवाला में दो दिन पहले रात के समय में यूरिया से भरी एक गाड़ी नंबर एचआर-57ए-6246 को फैक्ट्री परिसर में जाते हुए देखा। यह देखकर किसान हैरान रह गए। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख व किसान गुरप्रीत सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि किसान जब फैक्ट्री में पहुंचे तो वहां मौजूद सोमिल कंबोज ने स्वीकार किया कि वह फैक्ट्री के उपयोग के लिए 400 रुपये प्रति बैग की दर से यूरिया खरीदकर लायसा है। किसानों के अनुसार उसने यह भी कहा कि वह अकेला नहीं, बल्कि अन्य फैक्ट्रियां भी ब्लैक में यूरिया खरीद रहे हैं। इस पर मौके पर मौजूद गुरप्रीत सिंह संधू और अन्य किसानों ने कृषि विभाग को लिखित शिकायत दी। इसी दौरान सोमिल कंबोज वहां से भाग गया। सूचना मिलने पर एपीपीओ विजेंद्र चौहान और विषय विशेषज्ञ कोमल फैक्ट्री पहुंचे। विजेंद्र चौहान ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। इसके बाद डिंग रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात यूरिया खाद के स्टोर को सील कर दिया गया। कृषि विभाग ने डिंग थाने में दर्ज करवाया मामला कृषि विभाग ने डिंग रोड थाना में मुकदमा दर्ज कराने के लिए शिकायत दी थी। जिस पर पुलिस ने यूरिया खाद को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पीएस फैक्ट्री मालिक के खिलाफ एफआईआर विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कर ली है। जांच अधिकारियों के अनुसार यूरिया का प्रयोग लंबे समय से फैक्ट्री मालिक गत्ता व प्लाई बनाने के लिए करते आ रहे हैं। इसको लेकर उन्हें लाइसेंस लेना होता हैं। वे एग्रीकल्चर के लिए आई हुए यूरिया का प्रयोग इसके लिए नहीं कर सकते हैं। इंडस्ट्री को दी जानी वाली यूरिया पर सब्सिडी नहीं होती है। यूरिया का पूरा रेट उन्हें अदा करना पड़ता है। जांच के दौरान 42 बैग यूरिया के मिले है, जो एग्रीकल्चर के लिए दी जाती है। कमरे का सील कर दिया गया है। कृषि उप निदेशक डॉ. सुखदेव कंबोज ने बताया कि विभाग की टीम ने मौके पर जांच कर स्टॉक को कब्जे में ले लिया हैं। पुलिस को शिकायत दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। वहीं हमारी टीम भी पता लगा रही है कि यूरिया कहां से इंडस्ट्री को उपलब्ध करवाई जा रही है।