जिला बार चुनाव से पहले जारी मतदाता सूची से 1200 से ज्यादा वकीलों के नाम कटने से वकीलों का रोष वीरवार को भी जारी रहा। सैकड़ों वकील जिला बार हाल में एकत्रित हुए और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कहा कि चुनाव अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। दूसरी तरफ चुनाव अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने बार काउंसिल के नियमों के तहत ही कदम उठाया है। पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की तरफ से प्रदेश में एक साथ वकीलों के चुनाव करवाए जा रह हैं। रोहतक में हाउस की सिफारिश पर चार सदस्यीय चुनाव कमेटी गठित की गई थी। कमेटी में एडवोकेट प्रदीप मलिक, एडवोकेट ओपी पूनिया को चुनाव अधिकारी, एडवोकेट गुगन सिंह हुड्डा को मुख्य चुनाव अधिकारी व अनिल शर्मा को सहायक चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया था। बार में 3536 वकीलों ने बार की वोट डालने का अधिकार पाने के लिए शपथ पत्र व फीस जमा कराई थी। जांच कमेटी ने मंगलवार को सूची जारी की तो 1217 वोट काट दी। हवाला दिया गया कि बार काउंसिल की ओर से तय नियमों के तहत वोट काटी गई हैं। इससे निवर्तमान प्रधान अरविंद श्योराण व पूर्व प्रधान लोकेंद्र फौगाट व अन्य वकीलों ने बैठक की और चुनाव कमेटी पर भेदभाव का आरोप लगाया। मंगलवार के बाद अब वीरवार को हाउस की बैठक बुलाई है। हाउस चुनाव समिति को आगे जारी रखने या न रखने का निर्णय ले सकता है।