पिछले 10 वर्षों में अनुभव करने से पता चला है कि पांच में से एक व्यक्ति अवसाद, चिंता, अभिघातज के बाद का तनाव विकार, द्विध्रुवी विकार या सिजोफ्रेनिया से ग्रस्त है। जबकि, गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थिति वाले लोग आपात स्थिति के दौरान अधिक असुरक्षित होते हैं और उन्हें तुरंत मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और अन्य बुनियादी आवश्यकताओं की आवश्यकता है। ये विचार पीजीआईएमएस के मेंटल हेल्थ डिपार्टमेंट में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के सीईओ डॉ. राजीव गुप्ता में कही। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि हमें यह संकल्प लेना है कि हम आईएमएच में, पीजीआईएमएस, यूएचएस, सरकार, एनजीओ, प्रेस, मीडिया और हरियाणा के सभी नागरिकों को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर वर्ष भर के प्रयासों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें। आपात स्थितियों और आपदाओं के दौरान मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता के बारे में जागरूकता और तैयारी बढ़ाना चाहिए ताकि लोगों को दीर्घकालिक मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से उबरने और उन्हें रोकने में सक्षम बनाया जा सके।