सोमवार सुबह निजी गोल्ड लोन बैंक के बाहर ग्राहकों का गुस्सा फूट पड़ा, जब बड़ी संख्या में लोग अपने आभूषण वापस न मिलने के विरोध में धरने पर बैठ गए। ग्राहकों का कहना है कि पिछले वर्ष बैंक में सोना चोरी होने की घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी बैंक मैनेजर को गिरफ्तार भी कर लिया था और आभूषणों की रिकवरी भी हो चुकी है, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उन्हें उनका सोना वापस नहीं मिला वही ग्राहकों से नियमित रूप से ब्याज जोड़ा जा रहा है। ग्राहकों के अनुसार, वे लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है। परेशान होकर आखिरकार उन्होंने धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, उनका यह धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। धरने में शामिल प्रमुख लोगों में कृष्ण पुत्र दयानंद, विरकरण पुत्र रामसिंह, राजेन्द्र पुत्र सुरेन्द्र सिंह, अनिल कुमार पुत्र सतपाल सिंह, वर्षा पत्नी रविन्द्र, अनिल पुत्र सतपाल और बीर सिंह पुत्र मदन सिंह शामिल हैं। वहीं, समय के साथ धरने में शामिल लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि मौके पर अभी तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देने नहीं आया है, जिससे ग्राहकों में और अधिक नाराजगी देखी जा रही है। कोर्ट में मामला विचाराधीन है और अभी केस में सटे है। कोर्ट की तरफ से अभी कोई आदेश प्राप्त नही हुए हैं। जैसे ही माननीय न्यायालय द्वारा आदेश प्राप्त होंगे ग्राहकों को आभूषण दे दिए जाएंगे।