कांग्रेस के अंदर कंट्रोवर्सी नहीं थम रही है। शहर में पानी की किल्लत को लेकर पार्टी कार्यालय में कांग्रेस की बैठक हुई। जब ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष बलवान रंगा कार्यकर्ताओं को संबोधित करने लगे तभी मेयर का चुनाव लड़ने वाले पूर्व पार्षद सूरजमल किलोई ने टोका दिया। बोले, यह शहरी इकाई की बैठक है, जिसे शहरी अध्यक्ष ही संबोधित करे। ग्रामीण क्षेत्र का मुद्दा ग्रामीण कांग्रेस की इकाई की बैठक में उठाया जाए। इस बात का ध्यान रखा जाए। इसके बाद रंगा ने संबोधन बंद कर दिया और कार्यकर्ता उठकर चल पड़े। पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने किसी ने रंगा व सूरजमल को समझाया। शहर में पेयजल संकट गहराया हुआ है। पानी किल्लत व गंदे पानी की सप्लाई के विरोध में कांग्रेस की तरफ से बुधवार को आंबेडकर चौक स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक के बाद प्रदर्शन करते हुए डीसी सचिवालय पहुंचना था। बैठक को शहरी इकाई के जिला अध्यक्ष कुलदीप उर्फ केडी ने संबोधित किया। बोले भाजपा सरकार ने शहर को बर्बाद कर दिया है। न लोगों को पीने का पानी मिल रहा है और न ही सीवर लाइन साफ है। जहां पानी आता है, वह पीने योग्य नहीं है। शासन व प्रशासन को जगाने के लिए डीसी को मांग पत्र देने जा रहे हैं। कांग्रेसियों की गेट पर पुलिस से धक्का-मुक्की, केडी बोले मैं जिला अध्यक्ष हूं पार्टी कार्यालय से प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ता लघुसचिवालय पहुंचे। पुलिस की तरफ से दोनों गेट बंद कर दिए गए थे। 15 मिनट तक पूर्व मंत्री सुभाष बतरा व अन्य गेट के बाहर खड़े होकर नारेबाजी करते रहे। आखिर में तय हुआ कि 11 लोगों का प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिलने जाएगा। पुलिस ने प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह, चक्रवर्ती शर्मा, पूर्व मंत्री सुभाष बतरा व अन्य को अंदर आने दिया। इसी बीच कांग्रेस शहरी इकाई के जिला अध्यक्ष कुलदीप उर्फ केडी व अन्य कार्यकर्ता बाहर रह गए। पुलिस ने दूसरे गेट से आने के लिए कहा। कांग्रेसी पार्षद परीक्षित देशवाल, जिला अध्यक्ष कुलदीप उर्फ केडी व अन्य कांग्रेसियों को गेट से अंदर आने में काफी पसीना बहाना पड़ा। केडी की तो एक पुलिसकर्मी की धक्का-मुक्की तक हो गई। केडी ने कहा कि मैं कांग्रेस की शहरी इकाई का जिला अध्यक्ष हूं। तब वे किसी तरह अंदर आ सके।