विश्व कुष्ठ रोग दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नागरिक अस्पताल रेवाड़ी के प्रांगण में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया के निर्देशानुसार तथा प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र यादव की अध्यक्षता में किया गया। सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि इस वर्ष विश्व कुष्ठ रोग दिवस की थीम “भेदभाव का अंत, गरिमा सुनिश्चित करना” है। उन्होंने कहा कि जिला रेवाड़ी में वर्तमान में 10 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों की जांच, उपचार व दवाइयों की सुविधा नागरिक अस्पताल रेवाड़ी में पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है। प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र यादव ने बताया कि कुष्ठ रोग का इलाज सामान्यतः लगभग एक वर्ष तक चलता है और इसकी दवाइयों का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। उन्होंने आमजन से अपील की कि कुष्ठ रोगियों से घृणा न करें और उनके साथ सामान्य व्यवहार करें। इस अवसर पर मरीजों को फलहार भी वितरित किया गया। नोडल अधिकारी लेप्रोसी डॉ. विक्रम ने बताया कि कुष्ठ रोग में हाथ-पैरों की उंगलियों में सुन्नपन, घाव जिनमें दर्द महसूस नहीं होता, त्वचा पर गांठें तथा कोहनी व घुटनों की नसों का मोटा होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग कोई वंशानुगत बीमारी नहीं है। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अनु जैन ने बताया कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति के शरीर पर तेलिया व तांबिया रंग के निशान हो जाते हैं, जिनमें छूने पर संवेदना नहीं रहती। ऐसे लक्षण पाए जाने पर नागरिक अस्पताल रेवाड़ी के कमरा नंबर 211 में निशुल्क जांच कराई जा सकती है।