जम्मू-कश्मीर के अवंतिपुरा में तैनात भारतीय वायुसेना के जवान साहिल मीणा गोली लगने से शहीद हो गए। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए गांव जड़थल समेत आसपास के गांवों से भारी संख्या में लोग उमड़े। बताया जा रहा है कि साहिल मीणा की शादी 15 फरवरी को होनी थी। शादी की तैयारियां जोरों पर थीं और घर में खुशियों का माहौल था। साहिल 7 फरवरी को शादी की छुट्टी लेकर घर आने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही एक फरवरी को ड्यूटी के दौरान गोली लगने से वह शहीद हो गए। जैसे ही शहादत की सूचना गांव पहुंची, खुशियां मातम में बदल गई। जड़थल और आसपास के दो गांवों में दिनभर चूल्हे नहीं जले और हर आंख नम रही। 2019 में वायुसेना में हुए थे भर्ती: साहिल मीणा वर्ष 2019 में भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे। वह शुरू से ही अनुशासित और देशभक्ति से ओतप्रोत थे। परिवार वालों के अनुसार साहिल को देश की सेवा पर गर्व था और वह हमेशा जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाते थे। उनकी शहादत ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। छोटा भाई है 21 वर्ष का: शहीद साहिल अपने परिवार में बड़े बेटे थे। उनका एक छोटा भाई है, जिसकी उम्र 21 वर्ष बताई जा रही है। भाई की हालत बेहद खराब है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं रिश्तेदार और ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे हैं। राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई: शनिवार को जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो “भारत माता की जय” और “शहीद साहिल मीणा अमर रहें” के नारों से माहौल गूंज उठा। वायुसेना और प्रशासन की ओर से शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देते समय हर आंख नम थी। ग्रामीणों का कहना है कि साहिल की शहादत को कभी भुलाया नहीं जाएगा और वह हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।