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VIDEO : ठंड में खुले में न सोये लोग, रेवाड़ी में प्रशासन ने शुरू कराए रैन बसेरे

रेवाड़ी में बढ़ती ठंड में बेसहारा व फुटपाथ पर खुले में सोने वाले व्यक्तिओं को आश्रय देने के लिए जिला प्रशासन ने रेवाड़ी, बावल व कोसली में रैन बसेरों की व्यवस्था की है। इसके तहत महिला एवं पुरुषों के लिए जरूरत के हिसाब से गद्दों की व्यवस्था की गई है। दरअसल, सर्दी में प्रदेश भर में किसी ने किसी जिले में ठंड से मौत होने की सूचनाएं आती हैं। खासतौर पर दूर-दराज से आए गरीब लोगों को जब देर रात सिर छुपाने का मौका नहीं मिलता तो मुश्किल बढ़ जाती है। ऐसे में रेवाड़ी में ये रैन बसेरा को बसाना इसलिए भी जरूरी है कि क्योंकि यहां रात साढ़े आठ बजे के बाद झज्जर, बहादुरगढ़, रोहतक की ओर जाने के लिए कोई बस नहीं है। इसके अलावा स्टेशन पर बनाए गए प्रतिक्षालयों में भी काम चल रहा है। ऐसे में शहर में जो भी व्यक्ति खुले में घूमता हुआ पाया जाता है तो उसे रैन बसेरे में आश्रय दिया जा रहा है। जिले में यहां बनाए गए रैन बसेरे: जिले में स्थित रेवाड़ी शहर में पटवार घर के नजदीक, बावल में थाना रोड़ वार्ड नंबर 10, ओल्ड फायर स्टेशन नजदीक पुलिस स्टेशन व धारूहेड़ा स्थित संतोष धर्मशाला में रैन बसेरों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खुले में सोते हुए जरूरतमंद, गरीब व बेसहारा लोगों को रैन बसेरों में आश्रय दिलवाकर उनकी मदद की जा रही है। रैन बसेरों में उनकी सुविधा के लिए कंबल, रजाई, भोजन सहित अन्य व्यवस्था का प्रबंध किया गया है, ताकि किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी हो। सर्दी से राहत पहुंचाना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य: ठंड व शीतलहर के चलते जरूरतमंद, गरीब व बेसहारा लोगों की मदद करते हुए उन्हें सर्दी से राहत पहुंचाना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग एवं सतर्क है। ठंड में जरूरतमंद, गरीब व बेसहारा लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति ठंड में बाहर न सोये इसके लिए जिला प्रशासन की टीम पूरी निगरानी के साथ कार्य कर रही है। - संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद रेवाड़ी

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