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रेवाड़ी: नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को मिल रही तारिख पर तारिख

मेरे पेट में दर्द है। दवाइयां चल रही हैं। चिकित्सक ने तुरंत अल्ट्रासाउंड कराने को लिख दिया है, लेकिन यहां एक माह की तारीख मिल रही है। मर्ज बढ़ रहा है। एक माह इंतजार नहीं कर सकती और मजबूरी में अब बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ेगा। यह समस्या अकेले गोकलगढ़ निवासी रेणू की नहीं बल्कि नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आने वाले लगभग सभी मरीजों की है। उन्हें अदालत की तरह तारीख पर तारीख मिलती है। नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की एक मशीन है। फिलहाल एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। उन पर भी सिटी स्कैन करने का जिम्मा दिया हुआ है। आधा समय वह अल्ट्रासाउंड करते हैं और बाकी समय में सिटी स्कैन करते हैं। हालात यह है कि अल्ट्रासाउंड कराने के लिए रोजाना मरीज तो 200 से 250 आते हैं, लेकिन सुविधा केवल 30-40 को ही मिलती है। अन्य को अदालत की तरह तारीख लेकर लौटना पड़ता है। गांव गोकलगढ़ निवासी रेणू अल्ट्रासाउंड कराने आई थी। डॉक्टर ने कहा कि तुरंत अल्ट्रासाउंड कराओ, लेकिन उसे केवल तारीख मिली। रजिस्टर में एंट्री करने के बाद 4 सितंबर की तिथि दी गई। शहर में झज्जर चौक की रहने वाली कुशाली भी काफी परेशान दिखाई दी। हाथ में हुई गांठ में दर्द की तकलीफ के चलते वह अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आई थी, लेकिन उसे 5 माह की डेट दे दी। बात करने पर कुछ लोगों ने यह भी बताया कि प्राइवेट केंद्रों पर 600 से 700 रुपये तक चार्ज करते हैं। वे पैसे देने में असमर्थ हैं, इसी वजह एक माह बाद भी यहीं से अल्ट्रासाउंड कराने की इच्छा लेकर आए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल अल्ट्रासाउंड जांच के लिए सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट नियुक्त है, जबकि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रशासन ने उच्च अधिकारियों से अतिरिक्त स्टाफ की मांग की है, ताकि मरीजों को जल्द और बेहतर सेवाएं मिल सकें।

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