मौसम में लगातार बदलाव का असर सरसों की खरीद पर दिखाई दे रहा है। खराब मौसम और लगातार बूंदाबांदी की वजह से मंगलवार को मंडी में सरकारी खरीद प्रभावित रही और अधिकांश फड़ खाली दिखे। इस दौरान लिफ्टिंग के काम में मजदूर व्यस्त दिखाई दिए, जबकि कुछ किसान अपनी फसल को बूंदाबांदी से बचाने के लिए तिरपाल से ढकते नजर आए। सीजन में अब तक मंडी में लगभग 1.50 लाख क्विंटल सरसों की खरीद हुई है, जो पिछले साल के आंकड़ों से करीब 20 हजार क्विंटल कम है। अभी तक करीब 1.20 लाख क्विंटल सरसों का उठान हो चुका है। उठान के कार्य पर ही तेजी दिखाई जा रही है। सरकार ने इस साल सरसों के लिए एमएसपी 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। वहीं, प्राइवेट खरीदार किसानों को 6900 रुपये प्रति क्विंटल से भाव दे रहे हैं। इसी कारण अधिकतर किसान अपनी फसल सरकार को बेचने की बजाय प्राइवेट खरीदारों को बेच रहे हैं। इससे मंडी में सरसों की सरकारी आवक अपेक्षाकृत कम बनी हुई है। वहीं, मंडी में खाली फड़ और मजदूरों की व्यस्तता, दोनों ही रबी सीजन की चुनौतियों को दर्शा रहे हैं। मौसम में स्थिरता के बाद ही सरसों की आवक में तेजी आने की संभावना है।