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पानीपत में न्यूनतम वेतन की मांग के लिए श्रमिकों ने विरोध प्रदर्शन किया

इंडस्ट्रियल वर्कर यूनियन पानीपत के नेतृत्व में टेक्सटाइल उद्योग के अंदर न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी और श्रम कानून लागू करवाने की मांग को लेकर पानीपत हाली पार्क में सैकड़ों की संख्या में स्पिनिंग उद्योग के मजदूरों विशाल रोष प्रदर्शन किया। सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त कहा कि पानीपत के अंदर लगभग 20 हजार से ज्यादा छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयों में साढे तीन लाख मजदूर कार्य करते हैं। बहुमत लगभग 90 प्रतिशत प्रवासी मजदूर है। उद्योगों के मलिक तमाम श्रम कानून की धज्जियां उड़ाकर उद्योगों में जंगल रात चला रहे हैं। सब श्रम विभाग और हरियाणा सरकार की मिली भगत से चल रहा है। 90 प्रतिशत से ज्यादा मजदूरों के हाजिरी रजिस्टर में नाम ही दर्ज नहीं है, ईएसआई और पीएफ जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल पाती। आठ की बजाय मजदूरों से 12 से 14 घंटे जबरदस्ती तक कार्य करवाते हैं । फैक्ट्री में दुर्घटना होने पर कोई मुआवजा पीड़ित मजदूर और उसके परिवार को नहीं मिल पाता है वह दर-दर की ठोकरे खाने पर मजबूर होते हैं। मैं कार्य स्थल पर सुरक्षा के कोई इंतजाम है और नए ही मजदूर कॉलोनी में नागरिक सुविधा मिल रही हैं मजदूर बस्तियां भी एक तरह से बूचड़खाने जैसे हैं। प्रति वर्ष कार्य करते समय दुर्घटना का शिकार होकर दर्जनों मजदूरों की मौत हो जाती है और सैकड़ो की संख्या में विकलांग हो जाते हैं। पिछले 10 वर्षों से जब से बीजेपी केंद्र व राज्य में सत्ता पर आई है मजदूरों के न्यूनतम वेतन में 4 अप्रैल से पहले किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई। बढ़ती महंगाई के चलते महीने से लेकर देश के सभी राज्य के औद्योगिक शहरों में खासकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंदर लाखों मजदूर सड़कों पर आंदोलन कर वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। पुलिस दमन के माध्यम से आंदोलन को कुचलना का षड्यंत्र रचा जा रहा है। मजदूरों पर लाठी चार्ज और झूठे मुकदमे दर्ज किया जा रहे हैं। सीटू सरकार की दमनकारी नीति का की कड़े शब्दों में निंदा करती है। और सरकार से मांग करती है कि तमाम श्रम कानून को उद्योगों में शक्ति से लघु करवाते हुए न्यूनतम वेतन में जल्द बढ़ोतरी की जाये। पूरे हरियाणा के अंदर मजदूर आंदोलन के चलते मजबूरी में हरियाणा सरकार को 4 अप्रैल 2026 को न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी करना पड़ा। मजदूर अपने और अपने परिवार के लिए भरपेट भोजन के लिए संघर्ष जारी रखे हुए हैं। सरकार लगातार मजदूर और किसानों के खिलाफ जन विरोधी देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने वाली नई आर्थिक नीति तेजी के साथ लागू किया जा रहा है मजदूर किसानों के खिलाफ काले कानून बनाए जा रहे हैं। एक अप्रैल से लेबर कोड का नोटिफिकेशन लागू करके देश के मजदूर वर्ग को पूंजीपति उद्योगों के मालिक का बंदुआ गुलाम षड्यंत्र जारी है। यूनियन के प्रधान जय भगवान, सचिव रामकुमार यादव, कोषाध्यक्ष नवीन सपरा ने कहा कि डिप्टी लेबर कमिश्नर पानीपत को तमाम टेक्सटाइल, स्पिनिंग उद्योग के अंदर तुरंत न्यूनतम वेतन में श्रम कानून लागू के लिए लिखित ज्ञापन पत्र देते हुए चेतावनी वरना आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके लिए श्रम विभाग और हरियाणा सरकार जिम्मेवारी होगी।

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