पानीपत के एक श्मशान घाट में अस्थि उठाने को लेकर ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को चौंका दिया। दीवाननगर निवासी सूरज प्रकाश की पत्नी दयावंती की अस्थियों को गलती से एक अन्य परिवार द्वारा उठा लिया गया, जिससे श्मशान घाट पर भारी हंगामा हो गया। सूरज प्रकाश ने बताया कि उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार वीरवार को किया गया था। शुक्रवार सुबह उन्हें जानकारी मिली कि उनकी पत्नी की अस्थियां किसी और व्यक्ति द्वारा ले जाई गई हैं। जब वे श्मशान घाट पहुंचे तो देखा कि अस्थि उठाने आए दूसरे परिवार ने गलती से गलत कुंड से अस्थियां ले ली थीं। दूसरे परिवार की पहचान जाटल रोड निवासी मुकेश के रूप में हुई, जिन्होंने 16 अप्रैल को अपनी मां मानो देवी का अंतिम संस्कार करवाया था। वे शुक्रवार को अस्थि उठाने पहुंचे थे और गलती से 12 नंबर कुंड की बजाय 13 नंबर कुंड की अस्थियां उठा लीं। मुकेश करनाल जिले के असंध खंड के गांव इंग्लारुटी से हैं और उनके यहां अस्थियों को हरिद्वार ले जाने की परंपरा नहीं है। उन्होंने अस्थियां असंध रोड की नहर में प्रवाहित कर दी थीं। घटना की सूचना मिलते ही श्मशान समिति के प्रबंधन ने तुरंत दोनों परिवारों को बुलाकर पंचायत करवाई। श्मशान समिति के प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि गलती से दूसरे कुंड की अस्थियां उठा ली गई थीं, जिसे लेकर समिति ने माफी मांगी और भविष्य में इस तरह की गलती न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।