मौसम के बदले मिजाज ने एक बार फिर से अन्नदाताओं की नींद उड़ा दी है। वीरवार सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। धान कटाई और खेतों में पड़ी फसल के बीच आसमान में मंडराते बादलों ने किसानों को परेशान कर दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शाम के समय एक बार फिर बूंदाबांदी हो सकती है और शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहेंगे। किसान सुरजीत सिंह ने बताया कि उनकी धान की फसल पककर तैयार है और कुछ हिस्से की कटाई चल रही है। सुबह की बूंदाबांदी से फसल में नमी बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। अगर बारिश तेज होती है, तो दाना काला पड़ सकता है और पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। किसान हरबंस लाल ने कहा कि छह महीने की मेहनत पर पानी फिरने का डर सता रहा है। वे अपनी फसल को बचाने के लिए तिरपाल और अन्य उपायों में जुट गए हैं। अचानक बदले इस मौसम ने किसानों के खर्च और चिंता दोनों को बढ़ा दिया है। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के जिला समन्वयक डॉ. सतपाल ने मौसम के पूर्वानुमान पर जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम में यह बदलाव बना रह सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि जिन किसानों की फसल कट चुकी है या पककर तैयार है, वे उसे सुरक्षित स्थानों पर रखें या ढककर रखें। नमी अधिक होने पर तुरंत कटाई रोक दें ताकि फसल की गुणवत्ता प्रभावित न हो।