दंपती व उनके तीन बच्चों की जान बचाने पर नारायणा गांव के सचिन को एसपी भूपेंद्र सिंह ने बुधवार को जिला सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में सम्मानित किया। दिल्ली पैरलल नहर में नारायणा पूल के पास एक कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी थी। कार में दंपती के साथ उनके तीन छोटे बच्चे भी सवार थे। पास से गुजर रहे सचिन ने अपनी जान की परवाह किए बगैर अदम्य साहस का परिचय देते हुए नहर में डूब रही कार से दंपति और तीनों बच्चों को बाहर निकाल पांचों की जान बचाई थी। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने सचिन के इस साहसिक कार्य की खुले मन से सराहना करते हुए उनका प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उत्साहवर्धन किया और भविष्य में भी इसी प्रकार लोगों की सहायता के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सचिन को स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सचिन से युवाओं को सीख लेनी चाहिए। युवाओं के आगे आने पर पुलिस किसी प्रकार के अपराध को नियंत्रित कर सकती है। सचिन ने बताया कि 20 मार्च की रात करीब आठ बजे दिल्ली पैरलल नहर में नारायणा पूल के पास एक होंडा सिटी कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी थी। कार में सौदापुर गांव के दीपक, उनकी पत्नी और उनका दो साल का बेटा और दो व सात साल की बेटी भी सवार थी। वे उस समय खेत में काम कर ट्रैक्टर से घर लौट रहे थे। उन्होंने नहर पर जमा भीड़ को देख ट्रैक्टर रोककर देखा तो एक कार नहर में पड़ी थी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपनी जान की परवाह किए बगैर नहर में छलांग लगा दी। कार का पिछला शीशा तोड़कर दंपति व उनके तीनों बच्चों को एक एक कर बाहर निकाल पूरे परिवार को सुरक्षित बचाया। थाना समालखा के तत्कालीन प्रभारी गुलशन भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने क्रेन की मदद से नहर से गाड़ी को बाहर निकलवाया। इसके लिए सब इंस्पेक्टर गुलशन को भी सम्मानित किया गया।