मौसम ने पश्चिमी विक्षोभ के चलते एक बार फिर करवट ली है। बुधवार सुबह से दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश हुई। पानीपत व इसराना खंड में दो-दो और मतलौडा खंड में तीन एमएम बारिश दर्ज की। बारिश के बीच करीब 13 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवा से अधिकतम तापमान दो डिग्री और न्यूनतम तापमान एक डिग्री कम हो गया। अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। बारिश गेहूं के साथ सरसों की फसल के लिए लाभदायक होगी। बुधवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे हल्के से मध्यम बादल छा गए। हवा की गति आठ किलोमीटर प्रतिघंटे रही। करीब आठ बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक हल्की बूंदाबांदी चली। विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अभिभावक सर्दी के मौसम में बारिश तेज होने के डर से गाड़ियों में बच्चों को छोड़ने के लिए स्कूल पहुंचे। ऐसे में स्कूल के बाहर गाड़ियों की लंबी लाइन लगी रही। इसके बाद 10 बजे फिर से बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब 12 बजे तक हल्की से मध्यम बूंदाबांदी चली। दोपहर बाद डेढ़ बजे बारिश शुरू हो गई। पानीपत, इसराना व मतलौडा में बारिश दर्ज की। बारिश के साथ दोपहर के समय हवा की गति बढ़कर 13 किलोमीटर प्रतिघंटे रही। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि इस समय बारिश होने का प्रमुख कारण पश्चिमी विक्षोभ रहा है। बारिश और तेज हवा के चलते अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी आई है। अब अगले कई दिन मौसम साफ रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ौतरी हो सकती है।