मौसम परिवर्तन से जिला नागरिक अस्पताल व निजी अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। हर परिवार में दूसरा व्यक्ति खांसी, जुकाम, उल्टी व वायरल बुखार से ग्रस्त है। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन की ओपीडी 1800 के करीब रहने लगी है। इसमें फिजिशियन के पास खांसी-जुकाम, वायरल बुखार की ओपीडी लगभग 200 तक पहुंच गई। अस्पताल में जिलेभर से लोग दवा लेने के लिए पहुंच रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन की ओपीडी 1800 करीब रहने लगी। शुक्रवार को वायरल बुखार और खांसी-जुकाम के मरीजों की ओपीडी लगभग 200 रही। ओपीडी में बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा पहुंच रहे हैं। फिजिशियन डॉ. जैसमीन कौर ने बताया कि मौसम बदलाव के कारण परिवार में बच्चों से लेकर बड़े भी खांसी-जुकाम, वायरल बुखार से ग्रस्त हैं। बदलते मौसम में लोगों को स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ जाती है। रात के समय ठंड और दिन में गर्मी होने से ज्यादातर बच्चे बीमार हो रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे इस समय बच्चों का अतिरिक्त ध्यान रखें ताकि उन्हें स्वास्थ्य हानि से बचाया जा सके। डाहर गांव की बबीता ने बताया कि वह सुबह 9:15 पर अस्पताल में बुखार और खांसी की दवा लेने के लिए गई थी लेकिन भीड़ होने से उसे आधा घंटा पंजीकरण करवाने में लगा उसके बाद इलाज व दवा लेने में उसे एक घंटे का समय लगा। सिवाह गढ़ी गांव के राजपाल ने बताया कि वह वीरवार की सुबह मोटरसाइकिल पर समालखा गए थे। उनकी ठंड लगने पर जाते समय ही तबीयत बिगड़ गई। उनको दो दिन से खांसी, जुकाम और बुखार है। वह शुक्रवार को जिला नागरिक अस्पताल में दवा लेने आया। यहां ओपीडी जांच कराने के पंजीकरण के लिए ही लाइन में लगना पड़ा। इसके बाद चिकित्सक को दिखाने और फिर दवा लेने के लिए लाइन में खड़े रहे। अस्पताल में बुखार और खांसी -जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं। लोगों को बदलते मौसम में स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए। अस्पताल में पहुंचे प्रत्येक मरीज को इलाज कर दवा दी जा रही है। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।