भिवानी के बाद पानीपत बुधवार को प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर रहा हवा के दबाव से स्मॉग की चादर बन गई है। पानीपत का एक्यूआई बुधवार को 371 दर्ज किया गया है जबकि भिवानी का एक अंक ज्यादा 372 है। पानीपत की हवा में धुएं की मात्रा 405 माइक्रो ग्राम घन मीटर पहुंच गई है जबकि कार्बन की मात्रा भी रिकॉर्ड 106 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक पहुंच गई है। हवा में धुएं की मात्रा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यहां चल रहे 20 हजार उद्योग व यहां से गुजरने वाले एक लाख वाहन हैं। इसके अलावा प्रतिदिन शहर के अंदर भी 40 हजार वाहन चलते हैं। इसलिए धुएं की मात्रा बहुत अधिक बढ़ गई है। हवा में धूल की मात्रा 238 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। यह भी मंगलवार की अपेक्षा लगभग 40 अंक बढ़ी है। अब हवा के दबाव से स्मॉग बनना शुरू हो गया है। मंगलवार शाम से बुधवार सुबह 10 बजे तक शहर स्मॉग की चादर ओढ़े रहा। दृश्यता महज 50 मीटर तक दर्ज की गई। वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। कई जगह हादसे होते होते बचे। स्मॉग से दमा रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। दमा रोगी हाफ रहे हैं। नेत्र रोगियों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है। जिन मरीजों ने मोतियाबिंद की सर्जरी कराई है। उनकी आंखों में संक्रमण का भय बना हुआ है। गर्भवतियों में अब प्री मैच्योर डिलीवरी का खतरा भी बढ़ गया है। डॉक्टर लोगों को सुबह शाम की सैर से बचने की सलाह दे रहे हैं। दिल्ली का एक्यूआई 429 दर्ज, तीसरा चरण हो सकता है लागू दिल्ली का एक्यूआई 429 दर्ज किया गया है। इसलिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ग्रैप का तीसरा चरण लागू कर सकता है। तीसरे चरण में पाबंदियां बढ़ेगी। ईंट भट्ठों को बंद किया जाएगा। उद्योगों पर सीधी मार पड़ेगी। उद्योगों को सप्ताह में दो दिन तक बंद किया जा सकता है। इसको लेकर उद्यमी भी चिंतित है। डीसी के निर्देश गंभीरता से करें काम बढ़ रहे एक्यूआई को देखते हुए डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वह पर्यावरण को देखते हुए गंभीरता से काम करें। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी उद्योगों की जांच करें, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और एएचएआई सड़कों और पेड़ पौधों पर छिड़काव करें ताकि हवा में धूल के कण मिश्रित न हों। प्रदेश के 10 से सबसे प्रदूषित शहर शहर एक्यूआई भिवानी 372 पानीपत 371 सोनीपत 345 गुरुग्राम 331 रोहतक 307 अंबाला 290 हिसार 269 फरीदाबाद 267 कुरुक्षेत्र 265 यमुनानगर 254 आने वाले दिनों में और खराब होगी हवा : डॉ. राजेंद्र प्रदूषण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि हवा में धुएं की मात्रा बहुत अधिक बढ़ गई है। हवा का दबाव ज्यादा है। इसलिए स्मॉग बन रही है। बरसात के बाद ही स्मॉग की परत टूटेगी। अब शहर की हवा आने वाले दिनों में और खराब होगी। प्रशासन को गंभीरता से काम करने की जरूरत है। वर्जन : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप सिंह ने कहा कि फिलहाल ग्रैप का दूसरा चरण चल रहा है। इसके अनुसार काम किया जा रहा है। दिल्ली में एक्यूआई 400 से अधिक है। सीपीसीबी के निर्देशानुसार काम किया जा रहा है। उद्योगों की लगातार जांच की जा रही है।