पानीपत जिला नागरिक अस्पताल की अव्यवस्थाएं दिव्यांगों का दर्द बढ़ा रही है। दिव्यांगों के लिए 42 करोड़ की बिल्डिंग में पर्याप्त व्हील चेयर, कुर्सियां व स्ट्रेचर नहीं है। दिव्यांगों को फर्श पर बैठकर ही अस्पताल में अपने नंबर का इंतजार करना पड़ता है। कुछ दिव्यांग तो घर से ही अपनी व्हील चेयर लाते हैं। कुछ परिजनों की गोद में ही बैठकर अपने नंबर का इंतजार करते हैं। स्वास्थ्य विभाग आज तक दिव्यांगों को बेहतर सुविधाएं नहीं दे पाया है। बुधवार जिला नागरिक अस्पताल के रेडियोलाजी ब्लाॅक में दिव्यांगों के प्रमाण-पत्र बनाने के लिए विशेष शिविर लगाया गया। कुल 55 दिव्यांगों ने आवेदन किया। इनमें से 42 के प्रमाणपत्र बने। इसी के साथ प्रमाण-पत्र आनलाइन भी अपलोड किए गए। छह दिव्यांगों को बौधिक क्षमता की जांच के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया। चार को कान की जांच के लिए करनाल व खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। तीन दिव्यांगों का नंबर नहीं आया। इन्हें अगले बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में बुलाया गया है। अस्पताल में लगी भीड़ से दिव्यांगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. श्यामलाल महाजन ने बताया कि मानसिक रोगियों की बौद्धिक क्षमता जांचने की सुविधा नहीं है, इसलिए रोहतक भेजा जाता है। दिव्यांगों की सुविधा के लिए व्यवस्था ठीक की जा रही है। प्रमाण पत्र के लिए ऐसे करें आवेदन किसी भी काॅमन सर्विस सेंटर, अटल सेवा केंद्र, सरल केंद्र पर पहुंचें। आधार कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड लेकर जाए। सेंटर संचालक वेबसाइट (स्वावलंबन कार्ड डॉटजीओवी डाॅट इन) को खोलेगा। दिव्यांग प्रमाण-पत्र वाले फार्म को भरेगा। उसका प्रिंट निकालकर देगा। फार्म को लेकर बुधवार को सिविल अस्पताल में लगे शिविर में पहुंचें। फार्म पूरा है तो संबंधित डॉक्टर मेडिकल परीक्षण कर, दिव्यांगता घोषित करेगा। अस्पताल से एक काॅपी आवेदक को मिल जाएगी।