शहर की सरकार ने नए वित्त वर्ष के लिए 460 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। नगर निगम ने 394 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया था। इसके साथ 386 करोड़ रुपये के राजस्व का प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। बजट बढ़ने पर निगम की सरकार पर निर्भरता और बढ़ गई है। निगम ने सेक्टर-11-12 में ऑडिटोरियम और अन्य बड़े प्रोजेक्ट के लिए 70 करोड़ रुपये को बजट में जोड़ा है। निगम ने पहली बार जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए 10 लाख रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ बच्चों के सहयोग के लिए 26 लाख का बजट बनाया है। पार्षदों ने बजट बैठक में सफाई के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया और पार्षदों ने पूजा व आईएनडी कंपनी का शहर में सफाई का ठेका एक साल के लिए बढ़ाने पर नाराजगी जाहिर की। पार्षदों ने कहा कि सफाई ठेकेदार सरकार और अधिकारियों से बड़े हो गए हैं। पार्षदों के साथ सफाई के नए टेंडर पर पांच बार बैठक का कोई वजूद नहीं रखा। निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने स्पष्ट किया कि सफाई के नए टेंडर का प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है। इसकी मंजूरी मिलने के बाद कंपनियों का टेंडर खत्म कर दिया जाएगा। नगर निगम हाउस की बैठक जिला सचिवालय के द्वितीय तल पर सुबह करीब साढ़े 11 बजे शुरू की। यह करीब दो बजे तक चली। बैठक की अध्यक्षता मेयर कोमल सैनी और संचालक निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने किया। वरिष्ठ लेखाधिकारी राजेश गर्ग ने बजट के हर मद को सदन के सामने रखा। पार्षद अशोक कटारिया ने नगर निगम के भवन तोड़ने के कार्य को गलत बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की नाक के तले निर्माण कार्य हो जाता है। वे पहले कुछ नहीं बोलते और भवन बनने के बाद तोड़ने पहुंच जाते हैं। यह गलत है। वे अपने वार्ड में ऐसा नहीं होने देंगे। निगम अधिकारी पहले ही निर्माण को रुकवा दें।