साइबर अपराध की टीम ने कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार के नेतृत्व में 1500 किलोमीटर दूर जोगबानी (बिहार-नेपाल बॉर्डर) पर की गई। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देशभर के विभिन्न राज्यों में 100 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें करोड़ों रुपये की ठगी की गई थी। एसपी वरुण सिंगला ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह गिरोह कंबोडिया से संचालित साइबर नेटवर्क के लिए काम करता था। ठग टेलीग्राम ग्रुप बनाकर लोगों को कई गुना मुनाफा कमाने का झांसा देते और निवेश के नाम पर रकम ऐंठते थे। पीड़ितों के पैसे पहले उनके बैंक खातों में जमा होते, फिर वह रकम कंबोडिया भेज दी जाती। बदले में आरोपियों को 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था।यह कार्रवाई मानपुर गांव के हर्ष कुमार की शिकायत के बाद शुरू हुई। उन्हें टेलीग्राम ग्रुप के जरिए निवेश का लालच दिया गया और 10,657 विभिन्न खातों में जमा कराए गए। जब उन्होंने पैसे निकालने चाहे तो टैक्स और हेज शुल्क के नाम पर और रकम मांगी गई। धोखाधड़ी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दी। पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की गहन जांच की और 23 अगस्त को 10 आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में यश परिहार, विजय उपाध्याय (नेपाल), सोजस नाथ, रवि सिंह, भागचंद, गजेंद्र सिंह सैनी, जिरनजीत दास, नरेंद्र सिंह, पंकज देवड़ा और रोहित भार्गव शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 27 मोबाइल फोन, 9 पासबुक और 5 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।