पलवल जिले में बच्चों में बढ़ती कुपोषण की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कुपोषण प्रबंधन से संबंधित एक पायलट पहल शुरू की गई है। इस संबंध में बुधवार को जिला सचिवालय में उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) और मध्यम तीव्र कुपोषण (एमएएम) से ग्रस्त बच्चों की समय पर पहचान कर उनके उपचार और पोषण प्रबंधन को मजबूत करने पर चर्चा हुई।