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महेंद्रगढ़ में नागरिक अस्पताल में बीमार अग्ननी सुरक्षा व्यवस्था को 52 दिन से उपचार की दरकार

शहर स्थित नागरिक अस्पताल में अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुके हैं और अब तक अस्पताल प्रशासन की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया गया है। अस्पताल में केवल नाममात्र के अग्निशमन यंत्र हैं और मुख्य दरवाजे व कक्षों के बाहर कहीं पर भी यंत्र लगे दिखाई नहीं दे रहे हैं। यहां तक कि एसएमओ के कक्ष के बाहर भी अग्निशमन यंत्र नहीं लगा है। 52 दिन पूर्व ही एक्सपायर हो चुके फायर सेफ्टी सिलिंडरों को जिम्मेदार इतना लंबा समय बीतने के बावजूद भी नहीं बदल पाए हैं। बता दें कि संवाददाता की ओर से शहर के नागरिक अस्पताल की पड़ताल की गई तो इसमें लगे सभी अग्निशमन यंत्र एक्सपायर मिले। इनकी रिफिलिंग डेट 25 अक्तूबर 2024 और अंतिम तिथि 24 अक्तूबर 2025 तक थी और अब अंतिम तिथि को बीते 52 दिन हो गए हैं और अस्पताल प्रशासन की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। भवन में जांच के दौरान केवल 4 ही अग्निशमन यंत्र नजर आए जबकि अस्पताल प्रभारी को यंत्र की संख्या ही नहीं पता है। अगर भवन की बात करें तो मुख्य दरवाजे पर भी कोई यंत्र नहीं लगाया गया और पास में ही ओपीडी कक्ष व दंत चिकित्सक का कक्ष है। यहां पर भी कोई यंत्र नहीं दिखा। इसके बाद अगर अंदर प्रवेश करें तो इमरजेंसी वार्ड के दरवाजे पर एक यंत्र लगा है और इसकी भी तिथि बीत चुकी है। इसके साथ लगते वार्ड, नर्सिंग अधिकारी, ऑपरेशन कक्ष, मेडिकल अधिकारी कक्ष आदि के बाहर व अंदर कोई फायर सेफ्टी सिलिंडर तक नहीं है। दूसरी ओर प्रथम तल की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। यहां पर एसएमओ कक्ष व अन्य प्रशासनिक अधिकारी हैं और साथ ही अस्पताल प्रबंधन का रिकॉर्ड रूम भी यहीं पर है। यहां पर भी स्थित जस की तस है। यंत्रों के बारे में चिकित्सकों व कर्मचारियों से पूछा तो उनको यंत्रों की जानकारी तक नहीं है। अगर किसी समय कोई हादसा हो जाए तो आग पर कैसे काबू पाया जाए। जब तक फायर बिग्रेड पहुंचेगी तक आग भड़क चुकी होगी। अगर यंत्रों को दुरुस्त करवाकर उचित जगह पर रखा जाए तो हादसे के समय कोई भी व्यक्ति उपयोग कर सकता है और काबू पाने की कोशिश की जा सकती है। अब तो हालात ऐसे हैं कि यंत्रों की काफी कमी है और जो भी यंत्र लगे हुए हैं वे एक्सपायर हो चुके हैं। लेबर वार्ड में दो अग्निशमन यंत्र एक्सपायर: बता दें कि प्रथम तल पर लेबर वार्ड बनाया गया है। यहां पर जच्चा- बच्चा के साथ परिजन भी मौजूद रहते हैं और सबसे अधिक जनहानि होने की संभावना भी यहीं पर रहती है। यहां पर दो अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं और दोनों की ही तिथि बीत चुकी है। एक्स-रे ब्लॉक व टीबी ब्लॉक में भी नहीं हैं यंत्र: अस्पताल परिसर में बनाए गए एक्स-रे ब्लॉक में भी कहीं पर यंत्रों की मौजूदगी नहीं मिली और न ही टीबी ब्लॉक व पीपीसी ब्लॉक में यंत्र देखने को मिले। यहां पर भी केवल अंधाधुंध काम चल रहा है। किसी अधिकारी की ओर से लोगों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया है। मेरे संज्ञान नहीं था और काम के चलते याद नहीं रहा। अब जल्द ही सभी अग्निशमन यंत्र रिफिल करवा दिए जाएंगे। इसके साथ ही अस्पताल में यंत्रों की कमी भी दूर की जाएगी। इसके लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को शीघ्रता से अवगत कराया जाएगा। - डॉ. जयप्रकाश, एसएमओ, महेंद्रगढ़।

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