सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आर्यावर्त सेवा न्यास 23 जनवरी से 30 जनवरी तक एक भव्य सनातन महासम्मेलन (151 कुंडिय सहस्त्र चंडी महायज्ञ एवं श्रीराम कथा) का आयोजन करेगा। यह महासम्मेलन भारत के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक माना जा रहा है। 24 जनवरी से 30 जनवरी तक चलने वाली इस श्रीराम कथा का गुणगान सुप्रसिद्ध जगद्गुरु पद्मविभूषित स्वामी श्रीरामभद्राचार्य, पीठाधीश्वर तुलसीपीठ (चित्रकुट) द्वारा अपने श्रीमुख से किया जाएगा। वहीं, 23 जनवरी को विशाल शोभा यात्रा का आयोजन होगा, जिसमें भव्य एवं आकर्षक झांकी रथों से सुसज्जित शोभा यात्रा, जिसमें ऊंट, घोड़े, हाथी तथा पारंपरिक बैंड की मनोहारी प्रस्तुतियां सम्मिलित होंगी जो कि नारनौल के हुडा सेक्टर एक स्थित चमत्कारी बालाजी मंदिर से सुबह 9 बजे शुरु होकर श्री श्याम मंदिर जोरासी धाम पहुंचेगी। आर्यवर्त सेवा न्यास द्वारा होने जा रहे इस भव्य आयोजन में तुलसीपीठ (चित्रकुट) के पीठाधीरश्वर पद्मविभूषित श्री जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज नारनौल में ही प्रवास करेंगे। इस भव्य महासम्मेलन का आयोजन आर्यवर्त सेवा न्यास द्वारा किया जा रहा है। आयोजन का आध्यात्मिक मार्गदर्शन आनंद भाष्य शेषमठ सिंघासनासीन, जगदगरु रामानंदाचार्य पद प्रतिष्ठित पश्चिम पीठाधीरश्वर अनंत विभूषित श्रमद्जगद्गुरु स्वामी वैदेहीवल्लभदेवाचार्य महाराज के पावन सानिध्य में ज्योतिषाचार्य पं. सोमदत्त शर्मा द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी कपिल भारद्वाज ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने के लिए पास की व्यवस्था की गई है। जो कि श्रीराम कथा सुनने के लिए अनिवार्य होगा। श्रीराम कथा सुनने के लिए आपको वेबसाइट www.aaryawart.com/ramkatha पर जाकर अपना व अपने परिवार के सदस्यों का पंजीकरण करना होगा। उसके बाद आपको ऑनलाइन पास जारी कर दिया जाएगा, जो कि पूरी तरह से निशुल्क होगा। बिना पंजीकरण के किसी को भी पास जारी नहीं किया जाएगा।