बगिया शहर निवासी सुषमा यादव ने कोरोना काल में बगिया की शुरुआत की थी। उस दौरान उन्होंने अपने घर पर 15 पौधे नर्सरी से खरीदकर लगाए थे। बाद में उनको पौधे लगाने का शौक चढ़ा तो अपने पति विक्रम यादव के सहयोग से आज आंगन और छत पर करीब 150 पौधों की बगिया लगा ली है। सुषमा ने बताया कि वह गृहिणी और उनके पति विक्रम यादव आईटीआई में अनुदेशक हैं। दोनों को ही पौधे लगाने का शौक है। शादी के बाद से ही उनकी तबीयत खराब रहती थी और कभी बीपी तो कभी नींद आदि की दवाएं लेती थी। कोरोनाकाल में घर पर रहते हुए उनकी समस्या अधिक बढ़ गई और दवाओं से भी आराम नहीं मिला। उस दौरान चली शुद्ध हवा की चर्चा के लिए उन्होंने नर्सरी से कुछ पौधे खरीदे और घर पर लगा लिए। इसके बाद प्रतिदिन उनकी देखभाल करने लगी। करीब एक साल बाद उनको तबीयत में आराम भी मिला और उनका रूटीन भी बदल गया। सुषमा बताती हैं कि प्रतिदिन पौधों की देखभाल और सुबह हरियाली के दर्शन करने से मन में सकारात्मक अनुभूति आती है। इससे शरीर की थकावट दूर हुई और मन भी खुश होने लगा। अब 6 साल में तबीयत पूरी तरह ठीक हो चुकी है। इससे उन्हें अपनों के सहयोग और उनके साथ समय बिताने का मौका मिल रहा है।