होली पर्व पर बाजारों में रौनक छाई हुई है। प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और बाजारों में रंग-गुलाल की दुकानें लगी हुई है। रंग-गुलाल की दुकानों पर बच्चों व युवाओं की भीड़ देखने को मिली। वहीं मिठाइयों की दुकानों पर भी जबरदस्त भीड़ रही। इस समय सबसे ज्यादा मांग गुजिया और मालपुआ की रही। मालपुआ के भाव 400 रुपये किग्रा और गुजिया के भाव 380 रुपये किलोग्राम है। वहीं कुल्हाड़ी, हथौडी, बैग वाली पिचकारी बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं स्प्रे कलर, रॉकेट कलर, फॉग स्टिक कलर युवाओं की पहली पसंद बने हुए हैं। इसके अलावा इस बार केमिकल रहित हर्बल रंगों की मांग में भी बढ़ोतरी हुई है। त्वचा की एलर्जी से बचाव के लिए अधिकतर महिलाएं हर्बल रंगों को चुनाव कर रही है। शिवराम, मोहन, रामसिंह ने बताया कि होली पर्व पर जिले भर में रंग-गुलाल का कारोबार 4 से 5 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वहीं मिठाई बनाने वाले दुकानदार जयसिंह व रोहताश ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में होली पर मिठाई की मांग में कमी आई है। दुकानदारों ने बताया कि होली पर्व पर जिले भर में मिठाई का कारोबार 5 से 7 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।