नगर परिषद की ओर से न्यायालय परिसर में आमजन की सुविधा के लिए बनवाया गया शौचालय ही आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गया है। रखरखाव व सफाई न होने के चलते इसकी हालत दयनीय हो चली है। बार एसोसिएशन की ओर से कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद नप अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। उखड़ रहा है प्लास्टर रखरखाव के अभाव में इस शौचालय की दीवारों का प्लास्टर लगभग झड़ चुका है और सारी गंदगी फर्श पर जमा पड़ी है। इसके अलावा इसमें न तो पानी की कोई व्यवस्था है और अंदर दीर्घ शंका से निवृत होने के लिए जो सीट लगाई गई है वे मल से भरी पड़ी है। किसी में सीट टूटी पड़ी हैं तो किसी में पानी तक का डब्बा ही नहीं है। यही कारण है कि आमजन इसमें दीर्घ शंका तो दूर लघु शंका के लिए भी नहीं जाते हैं। आती है दुर्गंध शौचालय के पास में खड़े रहने पर बाहर तक भी दुर्गंध आती है, ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अंदर जाने पर क्या ही हालत होती होगी। इसके अलावा चारों ओर मकड़ी के जाले बने हुए हैं। इस संबंध में बार एसोसिएशन की ओर से नप में कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। कई बार लिखित व मौखिक शिकायत दी जा चुकी है कि सफाई कर्मचारी भेज कर इस शौचालय की नियमित साफ सफाई करवाई जाए, ताकि आमजन को सुविधा का लाभ मिल सके। कई बार शिकायत देने के बाद भी नप कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। -संतोख सिंह यादव, प्रधान, बार एसोसिएशन, नारनौल।