मातृभूमि सेवा संघ की ओर से शहर के डुलाना रोड स्थित श्री गोपाल गोशाला बुचियावाली में गत 16 जनवरी से चल रहे श्री सुरभि गो महायज्ञ व गो भागवत कथा के चौथे दिन की कथा में वृंदावन धाम से पधारी भगवताचार्या विदुषी बेला पारीक राष्ट्रीय अध्यक्षा ने श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाया। इस बीच कुरूक्षेत्र से संत शिरोमणि गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज भी वहां पहुंचे और भक्तों को अपने आशीर्वचन सुनाए। कार्यक्रम के दौरान यजमान के रूप में स्थानीय भक्तों के अतिरिक्त दूर-दूर से आए हुए अनेक भक्तों ने भी परिवार भाग लिया। इस दौरान मास्टर अमरसिंह सोनी के निर्देशन में कृष्ण जन्म की मनमोहक झांकियां पेश की गई। श्री कृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए विदुषी बेला पारीक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्य रात्रि के समय कंस की कारागार में हुआ था। बड़े होकर उन्होंने अहंकारी राजा कंस का वध करके पृथ्वी को अत्याचारों से मुक्त किया। स्वयं मथुरा के राजा बनकर अपने पिता वासुदेव व माता देवकी को कारागार से मुक्त करवाया। इस अवसर पर प्रांत संघ चालक प्रताप, गो सेवा आयोग हरियाणा पूर्ण यादव, दीपिका सरपंच, प्रवीण, विधायक कंवर सिंह यादव, हंसराज, ब्रह्मदेव आर्य, सुभाष झूकिया, मुकेश सैनी, बस्ती राम, महावीर भारद्वाज, डाॅ. भंवर सिंह, सुरेश अरोड़ा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।